PUBG - के बारे में हिंदी में जानकारी



PUBG - के बारे में हिंदी में जानकारी



PUBG - के बारे में हिंदी में जानकारी
PUBG Game Banner
प्लेयर अननोन बैटलग्राउंड्स जिसे भी कहते हैं यह एक बहुत ही पॉपुलर गेम है इस गेम की शुरुआत हंड्रेड प्लेयर्स से होती है जिन्हें किडनैप करके एक रशियन आइलैंड में सरवाइव करना होता है प्लेयर्स पैराशूट की मदद से प्लेन से जम्प करते हैं अपने-अपने सरवाइवल के लिए इस गेम में प्लेयर्स को बाकी ९९ प्लेयर्स को हराना होता है चिकन डिनर के लिए जो कि इस गेम का रिवॉर्ड है यह एक ऐसा गेम है जो सभी जीतना चाहते हैं और इस गेम में प्लेयर्स को घरों में जाकर लूट करनी पड़ती है जहां पर बहुत सारी गन राइफल्स ग्रेनेड और बाकी चीजें मिलती है पहले भी हमने इस गेम के जैसे मूवी देखी है जिसका नाम है ह्गेंस और बैटल रॉयल और यह गेम भी उन्हीं मूवी से इंस्पायर्ड है.


PUBG - के बारे में हिंदी में जानकारी
Brendan Greene - Designer of PUBG Game


PUBG की शुरुआत कैसे हुई इसकी जानकारी 


ब्रेंडन ग्रीम जिन्हें ब्रैंडनप्लेयर अननोन ग्रीन भी कहते हैं इस गेम के डिजाइनर है पहले ब्रैंडन कोई गेम डिजाइनर नहीं थे बल्कि एक आयरिश फोटोग्राफर थे जिन्हें थोड़ा बहुत वेब डिजाइन और ग्राफिक डिजाइनर का काम आता था बाद में ब्रेंडन आईलैंड छोड़कर ब्रजील चले गए और वहां पर अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करी और कुछ सालों के लिए वहां पर ही बस गए 2 साल बाद उनका डाइवोर्स  हो गया और इस चीज से ब्रैंडन काफी डिप्रेस्ड हो गए डिप्रेशन की वजह से ब्रैंडन फिर से अपने घर।आईलैंड चले गए अपने पास टाइम में ब्रैंडन वीडियो गेम्स खेलने लगे जिसमें शामिल थे ट्रिपल टाइटल जैसे कि कॉल ऑफ ड्यूटी और असेषान क्रीड। आईलैंड में ब्रेंडन ने दो और गेमों की खोज की जिसके नाम थे अरमा और डीजल यह दोनों ही गेम ब्रेंडन को काफी पसंद आए अरमा एक मिलिटरी शूटिंग  गेम है और इसमें काफी मोड किए जा सकते हैं और दूसरी तरफ डीजल आर्म गेम का ही मॉड है जिसमें जोंबी से लड़ना पड़ता है फिर बाद में ब्रैंडन ने  डिजर्ट गेम का ही एक मोड बनाया जिसका नाम था डीजे बैटल रॉयल यह नया गेम काफी पॉपुलर हुआ और किसी को देखते हुए सोनी ऑनलाइन एंटरटेनमेंट जिसका नाम अब डेबरी कंपनी हो गया है उन्होंने ब्रैंडन को जॉब ऑफर दिया एक गेम बनाने  को जो कि एक सर्वाइवल गेम था और वह भी डीजल से ही इंस्पायर्ड था वह नया गेम जो ब्रैंडन नहीं सोनी कंपनी के साथ मिलकर बनाया था उसका नाम था एच् वन झेड वन  किंग ऑफ किंल फिर ब्रांडेड ने  डेबरी  नाम की कंपनी छोड़ दी और फेब्रुअरी 2016 में चले आए साउथ कोरिया वहां पर ब्रैंडन मिले एक कोरियन गेम डिजाइन चैन खान कीम से  जो ब्लू होल नाम की कंपनी में काम करते  थइ  और बैटल रॉयल गेम बनाना चाहते थे और वह भी डेजर्ट गेम से काफी इंप्रेस थे वो कोरियन गेम कंपनी एक ऐसी गेम बनाना चाहती थी जो किसी ने आज तक नहीं बनाया था उस कंपनी का आईडिया ब्रैंडन को अच्छा लगा और वह सभी लोग गेम बनाने में लग गए ब्रेंडन की टीम ने दिन-रात मेहनत करी और वह चाहते थे कि गेम 1 साल के अंदर ही बन जाए और साथ ही सस्ते में भी 2016 में गेम बनना शुरू हुआ और उनकी टीम की डेडलाइन सिर्फ 1 साल की थी पहले तो ब्रेंडन की टीम ने एक छोटा सा गेम बनाया जिसमें एक मैप  एक मोड़ और सिर्फ कुछ ही वेपन थे धीरे-धीरे गेम का डेवलपमेंट बढ़ता गया और फाइनली मार्च 2017 मे गेम बैटलग्राउंड्स को रिलीज किया.





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PUBG Game


PUBG - के बारे में रिकार्ड्स की जानकारी  -

अर्ली  एक्सेस के रूप में स्टीम पर बैटलग्राउंड गेम गेमर्स को काफी पसंद आया क्योंकि ऐसा गेम गेमर्स ने  खेला ही नहीं था और यह एक पूरा नया कांसेप्ट था देखते ही देखते pubg की रैंकिंग बढ़ती रही और बहुत सारे गेम जुड़ते गए और ये  बेस्ट सेलर गेम बन गया जल्दी एक करोड राउंड खेले गये इस गेम के और सिर्फ 4 महीनों के अंदर 4500 करोड रुपए कमा लिए ब्लू होल काम की नहीं सिर्फ 11 दिनों के अंदर अप्रैल होते तक 10 लाख कॉपी बिक चुकी थी गेम की और अगले महीने 20 लाख कॉपी बिक गई और उसके अगले महीने 40 लाख कॉपी बिक चुकी थी पब जी ने बड़े-बड़े ऑनलाइन गेम जैसे  डॉटा 2, तू लीग ऑफ लेजेंड्स और काउंटर स्ट्राइक ग्लोबल ऑफेंसिव को भी हरा दिया और आज इस गेम की 90 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर है शुरू से ही इस गेम का मोटिव था सरवाइव करना और आज भी यह बदला नहीं है आने वाले वर्जंस मे  नए
 मैप ऐड  किए जाएंगे मगर ब्रैंडन के अनुसार यह ओरिजिनल मैप जिसने pubg की शुरुआत करी हमेशा ही आईकॉनिक रहेगा सितंबर 27 को pubg  कॉर्पोरेशन की शुरुआत हुई जो की ब्लू होल की 1 सब्सिडियरी कंपनी है और इसको ऑफिस अमेरिका में खोला गया आने वाले समय में यूरोप और जापान में भी ऑफिस खोले जाएंगे




PUBG - के बारे में हिंदी में जानकारी
PUBG Game


 PUBG के बारे में अन्य जानकारी

दिसंबर 20 को गेम फुल रिलीज हुआ पीसी और एक बॉक्स पर और एक नया मैप भी ऐड  किया गया है पीसी वर्जन  में जो कि एक डेजर्ट मैप है और और हाली में यह गेम PS4 में भी लांच हुआ है   मार्च 15th को एंड्रॉयड में गेम का बेटा प्रोग्राम रिलीज किया और मार्च 16 को ios डिवाइस में और  फाइनली  मार्च 19 को ऑफिशल इंटरनेशनल मार्केट में रिलीज किया आज पापुलैरिटी इतनी बढ़ गई है कि पब जी को बाकी के गेम्स कॉपी करने लगे हैं जैसे कि फोर्टनिन बैटल रॉयल, पलेंटिल्स  बैटलग्राउंड ब्रांडेड जिन्होंने गेम डिजाइन किया था सोचा नहीं था कि इस गेम में इतनी क्षमता है कि बड़ी कंपनी जैसे फेसबुक, टेनसेंट और एपिक गेम्स भी इसमें अपना पैसा लगाएंगे और आज इस गेम को रोकना काफी मुश्किल है यह गेम इतना पॉपुलर है कि यह सेल जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स पोटलिक कहते हैं करोड़ों रुपए के चापिओंन शिप टूर्नामेंट चलाता है जहां पर दुनिया के एक से बढ़कर एक गेमर्स आते हैं और एक दूसरे से कंपिट  करते हैं


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Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते Hindi - Jankari Dunia

Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते 

 Some Fact of Technology You Do not Know

Tech Fact - 1


Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते Hindi
Tech Fact - 1

   नमस्कार दोस्तों आप देख रहे जानकारी दुनिया और टेक्नोलॉजी फैक्ट के नये एपिसोड में आपका स्वागत करते हैं जो आज से पहले आप नहीं जानते थे और इस को पढने के बाद आप जान जायेंगे कुछ मजेदार चीजे आपको जानने को मिलेगी चलिए शुरूवात करते हैं 

Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते Hindi
GPS



1 - आपको तो यही लगता होगा अगर आप अपने फ़ोन में GPS का इस्तेमाल करते हैं तो वह फ्री ऑफ कॉस्ट होता है उसके लिए आपको कोई भी पैसे नहीं देने पड़ते आप रास्ता ढूंढना चाहते हैं गली मोहल्ले, चौराहे में जाना चाहते हैं तो आप जब अपने गूगल मैप पर जाते हैं और लोकेशन चेक करते हैं इंटरनेट ऑन किया गाड़ी स्टार्ट की और निकल लिए कोइ पेसे नहीं देने पड़ते आपको लेकिन आपको बता दूं कि GPS पूरी तरह से फ्री नहीं है जैसा कि हम जानते हैं GPS टेक्नोलॉजी अमेरिका की है और इसके लिए पैसा अमेरिका वाले लोग देते हैं जितने भी लोग टैक्स भरते हैं उनके टैक्स की कमाई उनके पैसों की कमाई में से जो टैक्स जाता है वह GPS को फंडिंग करता है और इसका खर्चा 1 दिन का एक मिलियन डॉलर है जी हा वन मिलियन डॉलर 1 दिन का लगता है GPS को ऑपरेट करने चलाने में और यह सारे पैसे अमेरिकन टैक्स पयेर्स से आते हैं और हम तो फ्री में यूज कर रहे हैं ये एक फैक्ट है ज्यादातर लोग इसे नहीं जानते लेकिन अभी आप जान गए  





2 - 30 नवंबर को क्या आता है जी नहीं 30 नवंबर को मेरा हैप्पी बर्थडे नहीं है मेरा जन्मदिन नहीं है लेकिन 30 नवंबर को कंप्यूटर सिक्योरिटी डे होता है 30 नवंबर को कंप्यूटर सिक्योरिटी डे के तौर पर मनाया जाता है पूरे विश्व में जी हां तो उस दिन कम से कम अपने कंप्यूटर की सफाई कर लिया करो और यह देख लिया करो कि कोई वायरस तो नहीं है पूरे साल सही से रहे गा 

Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते Hindi
iPhone 1



3 - क्या आपको पता है कि जब 2007 में स्टिव जॉब में iPhone प्रजेंट किया था लांच किया था उस की प्रेजेंटेशन की थी बहुत सारे लोगों के सामने दिखाया था कि हमने एक नया iPhone या पहला  iPhone लॉन्च किया है तो उस वक्त उस फोन में बग्स थे और वह पूरी तरीके से तैयार नहीं था यह इनसाइडर स्टोरी है ज्यादातर लोग नहीं जानते इंटरेस्टिंग चीज है जो वो फोन लांच हुआ था तो उन्हें एक बेंच डेस्क थी मतलब ऐसे कुछ अगर लकड़ी का था जहां पर वह स्पीच देने की जगह होती है वहां पर और तू वहां जो फोन था ठीक है रखा हुआ था तो वो बिच  बिच मे आके फोन को स्विच कर रहे थे क्योंकि वह फोन हैंग हो जाता था उसमे रैम ऑप्टिमाइजेशन ठीक नहीं थी वो लोगों को क्या बोलते कि मेरा iPhone पूरी तरीके से तैयार नहीं है डेट अनाउंस हो चुकी थी तो तीन,चार फोन रखे हुए थे के पीछे छुपा के जो अनाउंस टेबल थी वहां पर जो भी स्पीच देने की तो बीच-बीच में व हां से आते थे एक iPhone में कुछ करके दिखाया कॉल करके दिखाई उसको स्विच करके दूसरा वाला उठा लिया और फिर उसमें कुछ और करके दिखाया तो इस में बग्स थे Apple के एंप्लॉय और जितने भी सीनियर लोग थे बाद में यह बात उन्होंने  बताई कि ऐसी चीज भी हुई थी उसमें जो वीडियो क्लिप थी और जो ऑडियो क्लिप थी पहले iPhone में वो पूरी प्ले नहीं हो सकती थी सिर्फ कुछ हिस्सा  ही प्ले  हो सकता था अगर आप पूरी ऑडियो और वीडियो को प्ले करेंगे तो फोन क्रैश हो जाता जी हां यह बग था और यह स्टार्टिंग में किसी को भी नहीं बताया गया बाद में जब वह मार्केट में रिलीज हुआ फोन लांच हुआ तब इसको ठीक करके किया गया लॉन्च लेकिन जब उसकी प्रेजेंटेशन हुई थी तभी iPhone में ऐसा बग था एक और बग था की अगर आप ईमेल भेजते हैं उसके बाद इंटरनेट चलाते हैं तो वह सही से काम करता अगर आप ईमेल भेज रहे हो फिर इंटरनेट सब काम करेगा लेकिन अगर आप इंटरनेट सर्च करेंगे और उसके बाद ईमेल भेजेंगे तो वह नहीं जाएगा और फोन क्रैश  हो जाएगा यह बात मुझे नहीं लगता कोई जानता होगा पहले मैं भी नहीं जानता था लेकिन यह सच्चाई है अब आप जान गए 

Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते Hindi
Neil Armstrong (astronaut)



4 - अपोलो-11 मार्स मिशन के बारे में तो आप जानते ही होंगे जो लोग थे जो इंसान थे चांद पर उतर रहे थे नया दौर था कुछ नई चीज थी तो आपको पता है कि वह जो एस्ट्रोनॉट थे उनका लाइफ इंश्योरेंस उन्हें नहीं मिला था क्योंकि जो इंश्योरेंस कंपनी है उनको लग रहा था कि वह जिंदा लौटेंगे ही नहीं मर जाएंगे तो क्या किया गया था पता है उन्होंने अपने ऑटोग्राफ देकर अपनी फैमिली को दे दिए थे ताकि अगर वह उस मिशन से ना लौटे वह ऑटोग्राफ ऑक्शन में लगाकर उनकी जो फैमिली है वह पैसे कमा सके क्योंकि वह लोग हैं जो पहले गए थे जो जो चांद पर गए थे उन लोगों के ऑटोग्राफ है तो उनको बेचकर अपनी फैमिली के लिए पैसा इकट्ठा कर सके क्योंकि उनके फॅमिली मे कमाने वाले वही थे जो एस्ट्रोनॉट थे अगर वह ही नहीं बचेंगे तुम का खर्चा कैसे चलेगा उनके फॅमिली  कैसे चलेगी तो उन सारे एस्ट्रोनॉट ने  साइन करके अपने ऑटोग्राफ देकर अपनी फैमिली को दे दिए थे इन केस वो जिन्दा ना लौट आए तो उसे ऑटोग्राफ को बेच कर पैसे ले ले तो ऐसा हुआ था और यह कोई नहीं जानता था  

Technology के कुछ ऐसे Fact जो आप नहीं जानते Hindi
Drone




5 - क्या आपको पता है कि ऐसा कौन सा देश है जिसने सबसे पहले ड्रोन  बनाया जो सबसे ज्यादा ड्रोन बनाता है जिसमें शुरुआत हुई थी उनकी आप गेस भी नहीं कर सकते आप को बिल्कुल लगेगा नहीं कि यह देश भी हो सकता है जो इज़राइल इज़राइल एक ऐसा देश है जो सबसे ज्यादा ड्रोन प्रोडक्शन होता है जिसके जो इंचार्ज है जिसको चार्ज दिया गया है ज्यादा से ज्यादा ड्रोन एक्सपोर्ट करने का वह पे  बहुत ज्यादा ड्रोन बनते यूंज भी किए जाते हैं और एक्सपोर्ट भी किये जाते हैं तो यह बात आप शायद नहीं जानते होंगे लेकिन इस्राइल ड्रोन के मामले में काफी आगे है आशा करता हूं आपको यह टेक्नोलॉजी फैक्ट पसंद आए होंगे

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शुरू से लेके अंत तक सचिन तेंदुलकर की Biography Hindi - Jankari Dunia

शुरू से लेके अंत तक सचिन तेंदुलकर की Biography Hindi - Jankari Dunia

From the beginning to the end, Sachin Tendulkar's biography Hindi

     
शुरू से लेके अंत तक सचिन तेंदुलकर की Biography Hindi
Sachin Ramesh Tendulkar

      दोस्तों भारत में क्रिकेट को एक खेल ही नहीं बल्कि एक धर्म का दर्जा दिया गया है और उस धर्म में सचिन भगवान की तरह पूजे जाते हैं दोस्तों सचिन युवा क्रिकेटर है जिसने भारतीय क्रिकेट को एक नई ऊंचाई दी और क्रिकेट के खेल को घर घर तक पहुंचा दिया एक समय तो ऐसा था कि सचिन के आउट होते ही आधा भारत टीवी बंद कर देता था और क्रिकेट में सचिन को भगवान का दर्जा देना शायद इसलिए भी सही है क्योंकि अगर रिकॉर्ड की बात करें तो सचिन के आस-पास भी कोई नहीं भटकता सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हो या शतक मारने का या फिर चौका लगाने का ही क्यों ना हो सचिन हर रिकॉर्ड में सबसे आगे हैं एक बार तो सचिन तेंदुलकर की तारीफ में एक ऑस्ट्रेलियन प्रशंसक ने कहा कि अपराध तब करो जब सचिन बैटिंग कर रहा हो क्योंकि भगवान भी उस समय उनकी बैटिंग देखने में व्यस्त होते हैं सचिन भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले पहले खिलाड़ी हैं इसके अलावा उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है सचिन एक अच्छे खिलाडी होने के साथ ही साथ एक अच्छे इंसान भी हैं और हर साल 200 बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी के लिए अपनालय नाम की एक गैर सरकारी संगठन भी चलाते हैं दोस्तों आइए बिना आपका समय खराब किए हम सचिन तेंदुलकर की बचपन से लेकर क्रिकेट में उनकी अद्भुत सफलता तक के सफर को शुरू से जानते हैं|

शुरू से लेके अंत तक सचिन तेंदुलकर की Biography Hindi
Sachin Ramesh Tendulkar


      सचिन रमेश तेंदुलकर का जन्म 24 अप्रैल 1973 को राजापुर के एक मिडिल क्लास मराठी फैमिली में हुआ था उनके पिता का नाम रमेश तेंदुलकर था जो एक लेखक और प्रोफ़ेसर थे और उनकी मां का नाम रजनी तेंदुलकर था जो एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करती थी यह बहुत कम लोग जानते होंगे कि सचिन तेंदुलकर अपने पिता रमेश तेंदुलकर की दूसरी पत्नी के पुत्र हैं रमेश तेंदुलकर की पहली पत्नी से तीन संताने हुई अजीत, नितिन, और सविता जो कि तीनों सचिन से बड़े हैं सचिन तेंदुलकर का नाम उनके पिता रमेश तेंदुलकर ने अपने प्रिय संगीतकार सचिन देव बर्मन के नाम पर रखा था सचिन को क्रिकेट का शौक बचपन से ही है लेकिन शुरू से ही वह बहुत ही शरारती बच्चों में गिने जाते थे जिसकी वजह से अक्सर स्कूल के बच्चों के साथ उनका झगड़ा होता रहता था सचिन की शरारतों को कम करने के लिए उनके बड़े भाई अजीत ने उन्हें 1984 में क्रिकेट एकेडमी ज्वाइन कराने का सोचा और रमाकांत आचरेकर के पास ले कर गए रमाकांत आचरेकर उस समय के प्रसिद्ध कोच में गिने जाते थे लेकिन सचिन पहली बार उनके सामने अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और आचरेकर ने उन्हें क्रिकेट सीखाने से मना कर दिया लेकिन बड़े भाई अजीत के रिक्वेस्ट पर आचरेकर फिर से एक बार सचिन का मैच देखा लेकिन इस बार वे सचिन को एक पेड़ के पीछे से छुप कर देख रहे थे और तब सचिन ने बहुत अच्छा मैच खेला था जिससे उन्हें पता चल गया कि सचिन केवल हमारे सामने खेलने में असहज महसूस कर रहे हैं और फिर उन्होंने सचिन को अपने अकैडमी में ले लिया और क्रिकेट सीखाना शुरू कर दिया आगे चलकर आचरेकर को सचिन के बैट पकड़ने के तरीके से प्रॉब्लम थी क्योंकि सचिन बैट को बहुत पीछे से पकड़ते थे और आचरेकर के हिसाब से इस तरह से बात पकड़ने पर अच्छे शॉट नहीं लगाए जा सकते थे इसीलिए उन्होंने सचिन को बैट को थोड़ा ऊपर पकड़कर खेलने का सलाह दिया लेकिन इस बदलाव से सचिन कंफर्टेबल नहीं फील कर रहे थे और इसीलिए उन्होंने आचरेकर से रिक्वेस्ट किया कि उन्हें नीचे बैट पकड़ कर ही खेल लेते दरअसल बचपन में सचिन अपने बड़े भाई के बैट से खेलते थे और उनके छोटे-छोटे हाथों से बड़ी बैट को पकड़ने में बहुत दिक्कत होती थी और वह उस बेट को संभालने के लिए बहुत नीचे से पकड़ते थे वहीं से उन्हें बेड को नीचे पकड़ने की आदत हो गई आचरेकर तेंदुलकर की प्रतिभा से बहुत ही प्रभावित थे और इसीलिए उन्होंने सचिन को श्रद्धा आश्रम विद्या मंदिर में पढ़ाई के लिए शिफ्ट होने के लिए कहा क्योंकि वहां पर क्रिकेट की बहुत अच्छी टीम थी और उन्होंने देखा था कि सचिन को अगर एक अच्छा माहौल मिले तो वह कुछ भी कर सकते हैं तेंदुलकर ने भी अपने कोच के कहने पर उस स्कूल में एडमिशन ले लिया और एक प्रोफेशनल टीम के साथ क्रिकेट खेलने लगे वहां पढ़ाई के साथ-साथ शिवाजी पार्क में रोज सुबह-शाम आचरेकर की देखरेख में प्रैक्टिस करते थे सचिन को प्रैक्टिस कराते समय उनके कोच स्टंप पर एक सिक्का रख देते थे और दूसरे खिलाड़ियों को कहते थे कि वह सचिन को बॉलिंग करें जो खिलाड़ी सचिन को आउट कर देगा सिक्का उसका अगर सचिन को कोई भी खिलाड़ी आउट ना कर सका तो सिक्का सचिन का होता था सचिन के पास आज भी उनमें से 13 सिक्के हैं जिन्हें वो सबसे बड़ा ईनाम मानते हैं सचिन की मेहनत और प्रैक्टिस के दम पर उनका खेल बहुत ही जल्दी निखर गया और वह लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गए उन्होंने अपनी स्कूल टीम की तरफ से मैच खेलने के साथ ही साथ मुंबई के प्रमुख क्लब से भी खेलना शुरु कर दिया शुरू शुरू में सचिन को बॉलिंग का बहुत शौक था जिसकी वजह से 1987 में 14 साल की उम्र में बॉलिंग सीखने के लिए मद्रास के MRF बेस्ट फाउंडेशन जाए जहां ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज दिनेश लेली ट्रेनिंग देते थे लेकिन उन्होंने सचिन को बैटिंग सीखने का सुझाव दिया क्योंकि वह बैटिंग में अच्छा परफॉर्मेंस कर रहे थे और फिर सचिन ने भी उनकी बात मान ली और फिर अपनी बैटिंग की तरफ ज्यादा ध्यान देने लगे दोस्तो बता दूं कि लिली ने जिन खिलाड़ियों को तेज गेंदबाज बनने से मना किया उसमें सौरव गांगुली भी शामिल थे कुछ महीनों के बाद बेस्ट जूनियर क्रिकेट अवार्ड मिलने वाला था जिसमें 14 साल के सचिन की बड़ी दावेदारी मानी जा रही थी लेकिन उन्हें इनाम नहीं मिला जिससे वह बहुत दुखी हुए और तभी उनका मनोबल बढ़ाने के लिए पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने उन्हें अपने पैड की एक जोड़ी दे दी तेंदुलकर ने लगभग 20 साल बाद 34 टेस्ट शतक गावस्कर के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के बाद इस बात का जिक्र किया था उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए उस समय प्रोत्साहन का सबसे बड़ा स्रोत था 14 नवंबर 1987 को तेंदुलकर को रणजी ट्रॉफी के लिए भारत के घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट टूर्नामेंट में मुंबई की तरफ से खेलने के लिए सिलेक्ट किया गया लेकिन वह अंतिम 11 में किसी भी मैच में नहीं चुने गए उनका इस्तेमाल उस पूरी सीरीज में केवल रिप्लेसमेंट फील्डर के लिए किया गया था एक साल बाद इस 11 दिसंबर 1928 को सिर्फ 15 साल और 232 दिन की उम्र में तेंदुलकर ने अपने कैरियर की शुरुआत मुंबई की तरफ से खेलते हुए गुजरात के खिलाफ की उस  मैच में उन्होंने नाबाद शतक बनाया और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपने पहले ही मैच में शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए और फिर 1988-89 के सेशन में वे पूरी  सीरीज में मुंबई की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने उसके बाद भी उनकी शानदार परफॉर्मेंस जारी रही और उन्होंने दिल्ली के खिलाफ ईरानी ट्रॉफी में भी नाबाद शतक बनाया उस समय विशेष भारत के लिए खेल रहे थे सचिन तेंदुलकर ने रणजी, दिलीप और ईरानी ट्रॉफी में अपने पहले ही मैच में शतक जमाया था और ऐसा करने वाले में भारत के एकमात्र बल्लेबाज हैं उनका यह रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है सचिन के जादुई खेल को देखते हुए सिर्फ 16 साल की उम्र में उनका सिलेक्शन भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में किया गया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके सिलेक्शन का श्रेय राज सिंह डूंगरपुर को दिया जाता है जो कि उस समय की सेलेक्टर थे तेंदुलकर नवंबर 1989 में सिर्फ 16 साल और 205 दिनों की उम्र में कराची में पाकिस्तान के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की इससे पहले भी भारतीय चयन समिति ने वेस्टइंडीज के दौरे के लिए सचिन के सलेक्शन की इच्छा जताई थी लेकिन वह नहीं चाहते थे कि सचिन को इतनी जल्दी वेस्टइंडीज की तेज गेंदबाजों का सामना करना पड़े और इसीलिए उन्होंने सचिन को थोड़ा और समय दे दिया था कराची में सचिन ने इंडिया क्रिकेट टीम की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच खेलते हुए 15 रन बनाए इसी सीरीज के एक मैच में सचिन की नाक पर गेंद लग गई थी जिसकी वजह से उनकी नाक से खून आ गया लेकिन फिर भी वो रुके नहीं पूरा मैच खेला उस मैच में उन्होंने 54 रन बनाए थे सचिन ने 1992-93 में अपना पहला घरेलू टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ भारत में खेला जो उनका टेस्ट कैरियर का 22 वा टेस्ट मैच था इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट मुकाबलों में भी सचिन का प्रदर्शन बहुत ही जबरदस्त रहा और उन्होंने कई टेस्ट शतक भी जड़े हालांकि सचिन को एक दिवसीय मैच में अपना पहला शतक लगाने के लिए उन्नासी मैचों का इंतजार करना पड़ा था लेकिन एक बार लय मैं आने के बाद सचिन ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपनी जादुई बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत की सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया सचिन एकमात्र खिलाड़ी हैं जिनके खाते में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर में 100 शतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड है उन्होंने रिकॉर्ड 51 शतक टेस्ट क्रिकेट में और 49 शतक वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बनाए हैं एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में दोहरा शतक जड़ने वाले वह पहले खिलाड़ी हैं साथ ही साथ सचिन सबसे ज्यादा वन डे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेलने वाले भी खिलाड़ी है उन्होंने कुल 463 वनडे खेले हैं सचिन को क्रिकेट में उनकी अद्भुत योगदान के लिए उन्हें बहुत सारे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है 1997-98 में उन्हें खेल जगत के सर्वोच्च पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया उसके बाद 1999 में उन्हें पदम श्री और 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है 2013 में भारतीय डाक विभाग ने उनके नाम का डाक टिकट जारी किया इस सम्मान से सम्मानित होने वाले वह एकमात्र क्रिकेटर है 2014 में सचिन को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया भारत रत्न से सम्मानित होने वाले पहले खिलाड़ी है वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजी के लगभग सभी रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद 30 दिसंबर 2012 को सचिन ने वनडे क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी और फिर 16 नवंबर 2013 को अपने घरेलू मैच वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला इस टेस्ट मैच को जीतकर भारतीय टीम ने उन्हें भावपूर्ण विदाई दी अगर सचिन की पर्सनल लाइफ की बात करें तो 1995 में अंजलि तेंदुलकर से शादी की उनके दो बच्चे भी हैं जिनका नाम सारा और अर्जुन है सचिन अपने शाम और सरल स्वभाव के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है गुस्से में आकर भी कोई टिप्पणी करने की बजाय किसी टिप्पणी का जवाब अपने बल्ले से देने में विश्वास रखते थे दोस्तो सचिन ने क्रिकेट में भगवान का दर्जा अपनी मेहनत अपनी कोशिश अपनी लगन से हासिल की उन्होंने क्रिकेट को इस तरह खेला कि वह सिर्फ खेलना रहकर एक प्रेरणा बन गया आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

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