भारत में पेट्रोल की कीमत इतनी ऊंची क्यों है? - Jankari Dunia

भारत में पेट्रोल की कीमत इतनी ऊंची क्यों है?

Why is the price of petrol in India so high?


Why is the price of petrol in India so high?
 भारत में पेट्रोल की कीमत इतनी ऊंची क्यों है?

      भाई जहा में रहता हु यानि की महाराष्ट्र में  वह पे आज  का  पेट्रोल का प्राइस है ८७.३ रुपये और डीज़ल का प्राइस है ७४.५ रुपये   लेकिन रुको रुको कभी सोचा है  जो पेट्रोल का प्राइस है बढ़ता कैसे है और बढ़ जाता है तो भैय्या ये कम  क्यों नहीं होता। सबसे पहले समझते है ये पेट्रोल और डीजल  बनता कैसे है और बनाने में पैसे लगते कितने है ये पेट्रोल और डीजल हम इंडिया में नहीं बना सकते हमें वो क्रूड ऑइल  है हमें खरीदना पड़ेगा इसको बनाने के लिए. और ये जो क्रूड ऑइल  है बहार की देशो से हम ोायत करते है लगभग ८०% क्रूड ऑइल हम बहार के देशो से मंगाते है और ये जो क्रूड ऑइल  है. ये बैरल में अत है एक बैरल में अत है १५९ लीटर और एक बैरल की कॉस्ट इंटरनेशनल मार्किट में आज की तारीख में ८६. डॉलर अब आप मन लो डॉलर का कॉस्ट है ६७ रुपये क्रूड ऑइल है ३७ रुपये का उसको रिफाइन करते है तो पेट्रोल अलग निकलता है और डीजल अलग निकलता है जो पेट्रोल है उसको रिफाइन करने के बाद मान लो ३९ से ४० रुपये में पड़ जाता है जो भी डीलर इसको निकल रहा है  और आप के पास आते आते ८७ रुपये का हो जाता है क्यों हो जाता है इसके ऊपर लग जाते है टैक्सेज तो सबसे पहला टैक्स लगाती है हमारी सेन्ट्रल गवरमेंट उनमे है एक्सिस ड्यूटी १९. रुपये हर लीटर के पीछे लगता है जितने लीटर आप डालोगे हर लीटर का आपको २० रूपया देना पड़ेगा सेन्ट्रल गवरमेंट को टैक्स जा रहा है इसके बाद जो पेट्रोल है वो और बढ़ गया उसके बाद जो डीलर है जिस से आप पेट्रोल डलवाते हो जैसे भारत पेट्रोलियम ,हिंदुस्तान पेट्रोलियम है जो भी है वह का उनका कॉस्ट है डीलर की मार्जिन का कॉस्ट है वो ३से ४ रुपये तो यहाँ पे वो डीलर का मार्जिन हो गया सेन्ट्रल गवर्मेंट टैक्स उसके बाद डीलर का मार्जिन अभी हर स्टेट में जायेगा पेट्रोल तो हर स्टेट ने अपने लेवल में पैसा कमाने के लिए अलग अलग टैक्सेज बनाये हुए है. तो २८% वैट लगता है पेट्रोल के उअप्र मतलब देखो सेन्ट्रल गवरमेंट ने पैसे लेलिए अब
Why is the price of petrol in India so high?
 भारत में पेट्रोल की कीमत इतनी ऊंची क्यों है?

स्टेट गवरमेंट अलग पैसा लेगी तो ऐसे करते करते ४० रुपये का पेट्रोल वो बन जाता है ८७ का तो आप बोलोगे टैक्स दे रहे है अच्छी बात है सर्कार के पास पैसा आ रहा रहा है तो रोड बनाएंगे ये करेंगे वो करेंगे चलो सही बात है टैक्स देना भी चाहिए यार ये तो हमारा हक़ है हम टैक्स दे ताकि सर्कार हमारे पैसो से चले लेकिन शायद आपको ये चीज नहीं पता है यहाँ पे जो क्रूड आयल है अगर आप २०१२ या २०१३ में चले जाओ तो ११८ डॉलर पर पर बैरल चलता था अभी तो है ८० डॉलर पैर बैरल तो हुआ क्या की जब ज्यादा था  डॉलर था वह पे एक्सिस ड्यूटी टैक्स कम था लेकिन हुआ क्या की जो बैरल था मार्किट में इसका कॉश था वो निचे होता गया तो हमारी सर्कार ने २०१४ के बाद इसका रेट बढ़ाते गए मतलब एक्सिस ड्यूटी बढ़ाते गए टैक्सेज बढ़ते गए और ये जो है जहा से वो खरीद रहे है वो कम हो गया इससे हुआ क्या की पेट्रोल का प्राइस है वो स्टेबल रहा यानि की ३ साल तक आपको पेट्रोल सेम रेट तक मिला थोड़ा सा बदल हुआ लेकिन हुआ क्या की इनटरनॅशनल मार्किट में पेट्रोल के दाम कम हुए थे लेकिन हमारी गवर्मेन्ट ने टैक्सेज बढ़ा दिए उससे आपको एक फ्लैट रेट मिल गया अब हो क्या रहा है की ये रेट कम हुए थे वापिस से बढ़ने लगे उन्होंने तो टैक्स बढ़ा दिए तो एक बार टैक्स बढ़ने के बाद

Why is the price of petrol in India so high?
 भारत में पेट्रोल की कीमत इतनी ऊंची क्यों है?

काम तो होते नहीं है. ये तो टैक्स के साथ हम को ज्यादा रुपये देने पद रहे है पेट्रोल के लिए जो ऑइल का प्राइस था जब काम हुआ था सर्कार ने टैक्सेज बढ़ा दिए लेकिन ये प्राइस अब बढ़ रहा है  सर्कार टैक्स कम नहीं क्र रही है यही रीजन है की जो हमारा पेट्रोल है वो बढ़ते जा रहा है. जो आजकल पेट्रोल है उसका हर दिन प्राइस डिसाइड होता है इंटरनेशनल मार्किट के हिसाब से दिक्कत यही पे आ रही है जो टैक्स को कम होना चाहिए क्यों की जब प्राइस बढ़ गया वो चीज नहीं हो रही और आप को पता है. २०१४ और २०१५ में सर्कार को ९९००० करोड़ का प्रॉफिट हुआ था  लेकिन ये क्रूड ऑइल कम हो गया उन्होंने टैक्स बढ़ा दिया तो अगले साल याने २०१६-२०१७ के अंदर इनको २००००० करोड़ का प्रॉफिट हुआ है एक्सिस ड्यूटी से सेन्ट्रल गवर्मेंट को मतलब इनका प्रॉफिट डबल हो गया ९९००० करोड़ से सीधा २००००० करोड़ जब इनके पास ज्यादा पैसा आ गया तो ये टैक्स कम क्र सकते है पर टैक्स कम नहीं  है. क्यों की अगर ये एक रूपया भी टैक्स कम करते पेट्रोल के ऊपर या डीजल के ऊपर इनको जो है १३००० करोड़  जायेगा यहाँ पे ये फास गए इन्होने प्रिंसेस तो बढ़ा दिए क्युकी क्रूड आयल कम हो रहा था और अब जब क्रूड आयल बढ़ रहा है इनको टैक्स कम करना चाहिए था ये चीज नहीं हो रही है. तो ये कारन है की पेट्रोल और डीजल के प्राइस लगातार बढ़ रहे है तो देखते है की गवर्मेंट टैक्स कम करती है या नहीं.

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