संजय दत्त का जीवन परिचय - नायक से खलनायक तक का सफर - Jankari Dunia

संजय दत्त का जीवन परिचय - नायक से खलनायक तक का सफर | Introduction of Sanjay Dutt - Journey from Hero to Villain

Sanjay Dutt Jankari Dunia
Sanjay Dutt Image by gettyimages


          दोस्तों वक्त और हालात एक ऐसी चीज है जो कभी भी किसी को नायक और किसी को खलनायक बना सकती है, और दोस्तों आज की हमारी कहानी भी एक ऐसे ही एक्टर की है जिसके बुरे वक़्त और हालातों ने उसे रियल लाइफ का विलेन बना दिया हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर संजय दत्त की जो कि अब तक लगभग 190 फिल्मों में पुलिस गैंगस्टर और हीरो की तरह ही कई सारे अलग-अलग किरदार निभा चुके हैं और इन रोल्स ने उन्हे लोगों के बीच काफी फेमस भी किया है हालांकि दो तो संजय दत्त बॉलीवुड में जितनी अच्छी और सफल एक्टर माने जाते हैं उतने ही विवादों में उनका जीवन भी रहा है और संजय दत्त की कहानी के ऊपर ही 29 जून 2018 को उन की बायोपिक संजू भी आ रही है और इस बायोपिक की शूटिंग शुरू होने के बाद से ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है साथ ही उनका रियल लाइफ किरदार निभा रहे हैं रणबीर कपूर ने इस बायोपिक में अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों का मन मोह लिया है तो चलिए दोस्तों अपनी लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव देख चुके संजय दत्त की पूरी लाइफ जर्नी को हम शुरू से जानते हैं तो दोस्तों इस कहानी की शुरुआत होती है 29 जुलाई 1959 से जब मुंबई स्टेट में संजय दत्त का जन्म हुआ उनके पिता का नाम सुनील दत्त था जोकि बॉलीवुड के ही एक जाने-माने ऐक्टर थी साथ ही उनकी मां का नाम नरगिस और वह भी भारतीय सिनेमा जगत में किसी पहचान की मोहताज नहीं  संजय दत्त ने अपने शुरुआती पढ़ाई द लॉरेंस स्कूल से की और फिर कॉलेज की पढ़ाई के लिए वह एलफिंस्टन कॉलेज गए  वैसे तो संजय दत्त ने 1972 में ही अपना फिल्मी करियर रेशमा और शेरा नाम की मूवी में एक छोटा सा रोल अदा करके शुरू कर दिया था लेकिन अपना खुद का नाम बनाने में और बतौर लिड  एक्टर  उनकी फिल्म आने में कई साल लग गए दोस्तों  संजय दत्त भले ही सुनील दत्त और नरगिस के बेटे थे लेकिन एक्टिंग में अगर उन्हें लंबे समय तक अपना नाम बनाना था तो स्क्रीन पर अच्छी परफॉर्मेंस तो दे नहीं थी और फिर 1972 में एक छोटे से रोल के  बात से उन्होंने अपनी एक्टिंग के  स्किल्स को  और भी बेहतर किया परंतु यहां मेहनत दिखाई दी 1981 की फिल्म रॉकी से जोकि बॉक्स ऑफिस पर बहुत ही बड़ी हिट साबित हुई और अपनी पहली मूवी सही संजय दत्त ने बता दिया था कि मैं लंबी रेस के घोड़े है  हालांकि इस मूवी के रिलीज होने से पहले ही संजय दत्त की मां याने की नरगिस की मृत्यु हो गई और इस घटना से संजय दत्त को बहुत ही गहरा सदमा लगा यहां तक की उन्होंने इस गम से उभरने के लिए ड्रग्स  तक का सहारा लिया और कब उनकी यह मजबूरी आदत में बदल गई उन्हें पता भी नहीं चला और इसी बीच उन्हें ड्रग्स रखने  के जुर्म  में पहली बार जेल भी जाना पड़ा हालांकि उनके पिता ने सही समय पर उनको टेक्स्ट ऑफ केक रियाद में भर्ती करवा दिया और वहां पर 5 महीने बिताने के बाद संजय दत्त ने ड्रग्स की लत से निजात पा ली और फिर अपने काम पर कंसंट्रेट करते हुए 90 के दशक तक वह एक जाने-माने ऐक्टर बन चुके थे और लोगों ने हमारे तीन हीरो का किरदार निभाते हुए देखकर खुशी से झूम जाते लेकिन दोस्तों किसी भी व्यक्ति का समय हमेशा ही एक जैसा नहीं रहता और कुछ ऐसा ही हुआ संजय दत्त के साथ भी 1993 में मुंबई में अलग-अलग जगहों पर 12 बम ब्लास्ट में इसमें कुल 257 मासूमों की जान चली गई और लगभग 713 लोग घायल हुए और इन हम लोगों ने ना केवल मुंबई को बल्कि पूरे देश को जला कर रख दिया और फिर संजय दत्त का नाम  मुंबई में हुए बम ब्लास्ट में उछाला गया और यह कहा गया कि संजय दत्त के पास जो हथियार है वह मुंबई के हम लोग के लिए जो जिम्मेदार आतंकी है उनके पास से आए हैं और फिर 1993 में ही गैर कानूनी हथियार रखने के जुर्म में उन्हें जेल भेज दिया गया और समय बीतने के साथ ही देखते ही देखते लोगों का ऑन स्क्रीन हीरो अब रियल लाइफ का विलेन बन चुका था पर हमले के कुछ समय के बाद ही संजय दत्त की Khalnayak मूवी भी रिलीज हुई और फिर जेल जाने के बाद सेवा अगले 4 साल तक फिल्मों में काम नहीं कर सके हालांकि 1993 में जेल जाने के बाद 1995 में उन्हें बेल मिल गई और फिर 1997 से उन्होंने दोबारा फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया हालांकि इस  लंबे गॅप में भी उनकी पहले से बनाई हुई फिल्में रिलीज होती रही और फिर वापसी  के बाद 1999 में उन्होंने वास्तव और दाग द फायर की तरह ही कई सारी सुपरहिट मूवीस दी और फिर आगे भी उन्होंने मिशन कश्मीर जोड़ी नंबर वन कांटे मुन्ना भाई Mbbs शादी नंबर वन और लगे रहो मुन्ना भाई की तरह ही बहुत सारी मूवीस में काम किया बल्कि दोस्तों मैंने अभी आपको जो मूवीस बताया है वह काफी कम है इसके अलावा भी उन्होंने सैकड़ों मूवीज में काम किया है इसका अलग अलग नाम लेना इस ब्लॉग  में पॉसिबल नहीं है हालांकि इसी बीच 2006 और 2007 में मुंबई बम ब्लास्ट के केस के चलते ही उन्हें दो बार जेल भी जाना पड़ा लेकिन इस बार उन्हें जल्दी बेल मिल गई लेकिन इसी समय के लिए थोड़ी और राहत की खबर तबाई जब उन्हें आतंकवाद के केस में निर्दोष पाया गया कि अवैध हथियार रखने के जुर्म में भी अभी भी दोषी थी और दोस्तों जैसा कि संजय दत्त शुरू से ही कहते हैं कि एक आतंकवादी नहीं है और समय के साथ-साथ यह भी सिद्ध हो गया हलाकि अगले कुछ साल बीतने के बाद 2013 में अवैध हथियार रखने के जुर्म में 5 साल कि उन्हें सजा सुनाइए गयी लेकिन वह कुछ समय पहले भी जेल में बिता चुके थे और इसीलिए सजा के बाद से उन्हें जेल में 42 महीने ही बिताने थी हालांकि जेल में रहते हुए संजय दत्त ने बहुत ही अच्छा बर्ताव किया और जेल के सारे नियमों का सही से पालन किया जिसकी वजह से उनकी सजा हमें 102 दिन और भी कम हो गए पर इस तरह से 25 फरवरी 2016 को वापिस सजा काट कर बाहर आ गए और जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया कि संजय दत्त की लाइफ के ऊपर पुल की बायोपिक 29 जून 2018 को रिलीज होने वाली है और इस मूवी में संजय दत्त का किरदार निभाते नजर आ रहे हैं बॉलीवुड के मशहूर एक्टर रणबीर कपूर और दोस्तों अगर संजय दत्त के पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने कुल 3 बार शादियां की है पहले 1987 में रिचा शर्मा से दूसरी 1998 में रिया पिल्लई से और तीसरी 2008 में मान्यता दत्त और अंत  में बस मैं यही कहना चाहता हूं कि एक तरह पर भले ही संजय दत्त ने कोई जुर्म किया हो पर वह आज अपनी जुर्म की सजा पूरी कर चुके हैं और कहते हैं कि अगर व्यक्ति अपने कर्मों की सजा काट ले फिर वह दोषी नहीं रहता उम्मीद करते हैं कि आपको संजय दत्त की यह कहानी जरूर पसंद आई होगी

    हमारे इस ब्लॉग को पढ़ने  का धन्यवाद अगर यह आपको पसंद आया हो तो इसे शेयर करें और इस पर कमेंट करके हमें बताएं इसके साथ ही हमारे अन्य ब्लॉग को जरूर देखें हमारे ब्लॉग Jankari Dunia को सब्सक्राइब करना ना भूले
धन्यवाद

0 comments: