ताजमहल के बारे में सबसे ज्यादा रोचक जानकारी - Jankari Dunia


ताजमहल के बारे में  सबसे ज्यादा रोचक जानकारी

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ताजमहल के बारे में  सबसे ज्यादा रोचक जानकारी


         क्या आपने कभी सुना है कि ताजमहल अपने अंदर कितने रहस्य को समेटे हुए हैं अगर नहीं सुना तो आज हम आपको बताएंगे ताजमहल के कुछ ऐसे हैरान कर देने वाले रहस्य जो पहले शायद ही आपने सुने हो कुछ ऐसी बातें जो आपको नहीं पता होंगी लेकिन अगर आप ताजमहल जा चुके हैं या घूमने का प्लान बना रहे हैं तो इन बातों पर भी गौर करिएगा यह बात तो आपको पता ही होगी कि ताजमहल सिर्फ प्यार की निशानी नहीं बल्कि यह महल दुनिया के लोगों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी है जो भी इंसान इस खूबसूरत इमारत को देखता है वह है अपने दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर हो जाता है यही कारण है कि इस खूबसूरत प्यार की निशानी को दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया है बरसों पहले बनाई गई जो निशानी आज तक भी जिंदा है वह किसने बनाई थी यह तो आपको और हमको बखूबी पता है कि ऐसी खूबसूरत इमारत जिसे बहुत ही बारीकी और उत्कृष्ट कलाकृतियों से बनाया गया है उसे बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में यह ताजमहल बनवाया था लेकिन इसके अलावा और भी कई सारी बातें हैं जो इस इमारत से जुड़ी हुई हैं आज हम आपको इस खूबसूरत इमारत के बारे में ऐसी बातें बताएंगे जो इसकी खूबसूरती और चकाचौंध में नजर ही नहीं आती तो चलिए आपका ज्यादा वक्त ना लेते हुए जानते हैं ताजमहल के रहस्य को ताजमहल का निर्माण महारानी मुमताज की मौत के 1 वर्ष बाद 1632 में शुरू किया गया था वास्तुकला के शानदार ताजमहल को बनाने में करीब 22 साल लगे इस शानदार संरचना के निर्माण वास्तुकार अहमद लाहौरी थे इस काम के लिए मजदूर चित्रकार 

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कढ़ाई कलाकार सुलेख और कई अन्य लोगों सहित 22000 से अधिक लोग और एक हजार हाथियों को लगाया गया जो संगमरमर को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने का काम करते थे ताजमहल को बनाने में उस वक़्त 3 करोड रुपए खर्च हुए थे जो आज के 63877 करोड रुपए के बराबर हैं ताजमहल के मुख्य गुंबद के चारों ओर मीनार हैं और चारों मीनारें एक दूसरे की ओर झुकी हुई है ताकि कभी किसी आपदा के कारण यह ग्रेवी तो मुख्य गुंबद पर ना गिरकर बाहर की तरफ गिरे और बिच के मुख्य गुंबद को कोई नुकसान ना पहुंचे ताजमहल के मकबरे की छत पर एक छेद है जिसके पीछे की कहानी यह है कि ताजमहल के बनने के बाद बादशाह शाहजहां ने सभी कारीगरों के हाथ कटवाने का ऐलान कर दिया था क्योंकि वह चाहते थे कि ताजमहल जैसी खूबसूरत इमारत दोबारा कभी ना बन पाए और उनके इस फैसले से नाराज मजदुरो ने जानबूझकर ताजमहल के मकबरे के बीच में एक छेद छोड़ दिया था और अगर आप कभी वहां पर जाएं तो जरूर देखें आज भी बारिश के मौसम में उस छत से पानी टपकता रहता है क्या आप जानते हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ताजमहल को बास से ढक दिया गया यह सत्य है कि जब द्वितीय विश्व युद्ध हुआ तो ताजमहल की पूरी गुंबद को बास से ढक दिया गया था ताकि दुश्मनों की नजर उस चमचमाती खूबसूरत इमारत पर ना पड़े सिर्फ यही नहीं बल्कि जब 1971 में भारत पाक युद्ध और 911 जैसी घटनाओं के बाद भी ताजमहल को सुरक्षा की दृष्टि से आज भी बांस का सुरक्षा घेरा बनाकर उस को ढक दिया जाता है शाहजहां ने जब पहली बार ताजमहल को देखा तो देखते हुए उन्होंने यह कहा था कि यह महल सिर्फ प्यार की निशानी को ही बयां नहीं करेगा बल्कि उनको भी दोषमुक्त करेगा जो इस पाक जमीन पर कदम रखेंगे और उसकी गवाही चांद तारे भी देंगे यह कहा जाता है कि ताजमहल के बनने के

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 बाद शाहजहां ने यह ऐलान करवाया था कि जितने मजदूरों ने ताजमहल बनवाया है उनके हाथ काट दिया जाए ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी कोई खूबसूरत इमारत ना बन सके हालांकि इस बात की भी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हो पाई है जिस वजह से बहुत से लोग आज भी इस बात पर संदेह करते हैं ताजमहल की बनावट ऐसी है जिसे खास आधार की जरूरत थी और इस आधार को ऐसे लकड़ी से बनाया गया है जो पानी मिलने पर मजबूत बनी रहती है और वह लकड़ी ताजमहल की नींव को पक्का करती है और उसकी उस लकड़ी को और ताजमहल की नींव को पक्का करती है वह है यमुना नदी का पानी वह है यमुना नदी यह अद्भुत सफेद संगमरमर का ताजमहल लाल पत्थर की दीवारों से तीन तरफ से घिरा है इसको बनाने में 28 तरह के कीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया जिनको देखने पर आंखें भी चोख जाती हैं ताजमहल को बनाने में जिस पत्थर का इस्तेमाल हुआ उसे मुख्यत है चीन तिब्बत श्रीलंका से लगभग 28 तरह के बहुमूल्य पत्थरों के इस्तेमाल करके बनाया गया है इन बेशकीमती पत्थरों को अंग्रेज ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान उखाड़ कर अपने साथ ले गए थे सबसे खास बात तो यह है कि ताजमहल के सभी फब्बारे एक साथ काम करते हैं जबकि इसमें आधुनिक शैली की कोई भी तकनीक उपयोग नहीं की गई है बल्कि उस टाइम इसके नीचे एक विशाल तांबे का टैंक लगाया गया था जिसमें पानी भी एक साथ बढ़ता है और फव्वारे भी एक साथ काम करते हैं क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि ताजमहल का रंग बदलता रहता है अगर आप इसको सुबह के टाइम देखें तो यह आपको हल्का गुलाबी अगर आप इसको शाम के टाइम देखें तो दूधिया रंग का दिखेगा और चांदनी रात में अगर आप इसको देखते हैं तो यह एकदम सफेद देखेगा क्या आपको पता है ताजमहल विश्व की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली इमारतों में से एक है जिसको देखने के लिए देश-विदेश से सैलानी आते रहते हैं

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